वयस्कों का औसत सरल विज़ुअल रिएक्शन टाइम लगभग 200 से 300 मिलीसेकंड (ms) होता है, यानी जिस लाइट का आप इंतज़ार कर रहे हैं, उसके जलते ही बटन दबाने में लगने वाला समय। 1,469 वयस्कों की एक स्टडी में औसत 231 ms रहा। ऑनलाइन टेस्ट में स्क्रीन, माउस या टचस्क्रीन और ब्राउज़र की देरी भी जुड़ती है, इसलिए वहाँ नंबर ज़्यादा आएगा।
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अच्छा रिएक्शन टाइम कितना होता है?
कंप्यूटर पर लगभग एक चौथाई सेकंड या उससे तेज़ सिंपल रिएक्शन टाइम अच्छा माना जाता है, बशर्ते आप उसी डिवाइस पर मापें जिस पर पहले मापा था। सबसे बड़ी आधुनिक लैब स्टडी में, जो David Woods और उनके सहयोगियों ने 2015 में की थी, औसत 231 ms था, और सबसे युवा समूह (18 से 24 साल) का औसत लगभग 218 ms रहा। मॉनिटर और माउस की देरी घटाने के बाद ये आँकड़े लगभग 213 ms और 200 ms रह गए।
प्रकाशित औसतों में जितना अंतर है, उतना ज़्यादातर "रिएक्शन टाइम चार्ट" नहीं बताते। Woods और सहयोगी 233 ms से लेकर लगभग 400 ms तक के नतीजों वाली स्टडीज़ गिनाते हैं, और यूके की एक बड़ी स्टडी (Deary और Der, 2005) में औसत 328 ms आया। इस फ़र्क का बड़ा हिस्सा उपकरण और तरीके से आता है। इसीलिए किसी चार्ट का एक नंबर आपको उतना नहीं बताता जितना समय के साथ आपका अपना स्कोर बताता है।
- Woods et al. (2015), 18 से 65 साल के 1,469 वयस्क: 231 ms (हार्डवेयर करेक्शन के बाद 213 ms)
- Woods et al. (2015), सबसे युवा समूह, 18 से 24 साल: लगभग 218 ms (करेक्शन के बाद लगभग 200 ms)
- Brebner और Welford (1980), कॉलेज की उम्र के वयस्क, University of Wisconsin की एक रिपोर्ट के अनुसार: 190 ms
- Deary और Der (2005), यूके के वयस्क, Woods et al. के अनुसार: 328 ms
कई पेज 10-10 साल के उम्र-समूहों में रिएक्शन टाइम की टेबल छापते हैं, पर यह नहीं बताते कि कौन-सी पंक्ति किस स्टडी से आई है। ऊपर के आँकड़े नामित स्टडीज़ से हैं, और नीचे उम्र का असर भी उन्हीं आँकड़ों से लिया गया है।
उम्र के साथ रिएक्शन टाइम कैसे बदलता है?
उम्र के साथ रिएक्शन टाइम धीमा होता है, लेकिन स्वस्थ वयस्कों में यह बदलाव छोटा है: हर साल लगभग आधा मिलीसेकंड। Woods और सहयोगियों ने 18 से 65 साल के वयस्कों में हर साल 0.55 ms और 18 से 82 साल के दूसरे समूह में हर साल 0.45 ms की बढ़ोतरी मापी। 40 साल में यह लगभग 20 ms बनता है।
यह धीमापन ज़्यादातर हरकत शुरू करने में था, लाइट को नोटिस करने में नहीं। सिग्नल पहचानने का समय हर उम्र में लगभग एक जैसा रहा, जबकि बटन दबाना शुरू करने का समय बढ़ा। ड्राइविंग पर एक पुरानी स्टडी भी यही दिखाती है: Elliott और Louttit (1937) ने एक मेले में लगभग 700 लोगों को टेस्ट किया और पाया कि ब्रेक लगाने का रिएक्शन टाइम उम्र के साथ बढ़ा (कोरिलेशन 0.37), और यह असर ड्राइविंग के अनुभव से ज़्यादा था।
बच्चे वयस्कों से धीमे होते हैं, क्योंकि उनका मोटर कंट्रोल अभी विकसित हो रहा होता है।
सिंपल और चॉइस रिएक्शन टाइम में क्या अंतर है?
सिंपल रिएक्शन टाइम में एक सिग्नल और एक प्रतिक्रिया होती है। चॉइस रिएक्शन टाइम में कई संभावित सिग्नल होते हैं, और हर एक की अपनी प्रतिक्रिया, इसलिए पहले आपको उन्हें पहचानना पड़ता है। चॉइस रिएक्शन हमेशा धीमा होता है।
डच फ़िज़ियोलॉजिस्ट Franciscus Donders ने 1860 के दशक में इन दोनों की तुलना की और उनके अंतर से अनुमान लगाया कि एक मानसिक कदम में कितना समय लगता है। लगभग सौ साल बाद W. E. Hick (1952) और Ray Hyman (1953) ने दिखाया कि चॉइस रिएक्शन टाइम विकल्पों की संख्या के लघुगणक (logarithm) के साथ बढ़ता है। इसे Hick's law कहते हैं: 2 से 4 विकल्पों पर जाने में लगभग उतना ही समय जुड़ता है जितना 4 से 8 पर जाने में। बाद के शोध बताते हैं कि अभ्यास और जानी-पहचानी प्रतिक्रियाओं के साथ यह नियम कुछ बदल जाता है (van 't Wout, 2018)।
Omni Brain का रिएक्शन टाइम टेस्ट एक सिंपल रिएक्शन टास्क है। ऐप का Reaction गेम चॉइस रिएक्शन भी जोड़ता है, जहाँ दबाने से पहले आपको सही प्रतिक्रिया चुननी होती है।
क्या आवाज़ पर प्रतिक्रिया रोशनी से तेज़ होती है?
हाँ, ज़्यादातर लोग रोशनी के मुकाबले आवाज़ पर तेज़ प्रतिक्रिया देते हैं, सेटअप के हिसाब से लगभग 10 से 50 ms तेज़। Brebner और Welford (1980) ने कॉलेज की उम्र के वयस्कों में आवाज़ के लिए लगभग 160 ms और रोशनी के लिए 190 ms दर्ज किया। Shelton और Kumar (2010) की 14 लोगों वाली एक छोटी स्टडी में 284 ms और 331 ms मापा गया।
जटिल कामों में यह अंतर घट जाता है। Elliott और Louttit के 1937 के ब्रेक टेस्ट में ड्राइवरों ने हॉर्न पर 0.514 सेकंड और लाल बत्ती पर 0.524 सेकंड में प्रतिक्रिया दी, यानी सिर्फ़ एक सेकंड के सौवें हिस्से का अंतर।
ड्राइवरों का सामान्य रिएक्शन टाइम कितना होता है?
ट्रैफ़िक में ब्रेक लगाने में बटन दबाने से कहीं ज़्यादा समय लगता है: लगभग 0.7 से 1.5 सेकंड। यूके के Highway Code में रुकने की दूरी (stopping distance) 0.67 सेकंड के सोचने के समय पर आधारित है। सड़क सुरक्षा चैरिटी Brake, Transport Research Laboratory (TRL) के हवाले से औसत 1.5 सेकंड बताती है।
Marc Green की व्यापक रूप से उद्धृत समीक्षा (2000) के अनुसार अप्रत्याशित घटनाओं पर ब्रेक रिएक्शन लगभग 1.25 सेकंड और अचानक चौंकाने वाली घटनाओं पर 1.5 सेकंड होता है। उस समीक्षा पर प्रकाशित एक टिप्पणी सड़क पर लिए गए आँकड़ों का हवाला देती है, जिनमें बिना पहले से सतर्क किए गए ड्राइवरों ने 1.0 से 1.3 सेकंड में ब्रेक लगाया। ड्राइविंग में देखना, फ़ैसला करना और पैर हिलाना तीनों शामिल हैं, इसलिए बटन टेस्ट का तेज़ स्कोर अपने-आप तेज़ ब्रेकिंग में नहीं बदलता।
गेमर्स और खिलाड़ी कितने तेज़ होते हैं?
खिलाड़ी और अनुभवी गेमर्स अक्सर टेस्ट में तेज़ आते हैं, लेकिन भरोसेमंद आँकड़े इंटरनेट पर दिखने वाले दावों से कम हैं। University of Wisconsin की एक रिपोर्ट में उद्धृत स्टडी में NCAA Division I के फ़ुटबॉल खिलाड़ियों का कंप्यूटर टेस्ट पर औसत 268 ms रहा (Eckner, Kutcher और Richardson, 2010)। यह वयस्कों की सामान्य रेंज के अंदर ही है।
स्प्रिंटर सबसे अलग मामला हैं, और वे आवाज़ पर अपने पैरों से प्रतिक्रिया देते हैं। World Athletics (पहले IAAF) 100 ms से कम की किसी भी शुरुआत को फ़ॉल्स स्टार्ट मानता है। उसकी ओर से करवाई गई 2009 की एक स्टडी में, जैसा Blur Busters ने बताया, फ़िनलैंड के राष्ट्रीय स्तर के स्प्रिंटरों के पैरों का औसत रिएक्शन लगभग 73 से 79 ms मापा गया। इससे लगता है कि यह सीमा शायद ज़रूरत से ज़्यादा सख्त है।
जो पेज दावा करते हैं कि प्रोफ़ेशनल गेमर्स 150 से 220 ms में प्रतिक्रिया देते हैं, वे शायद ही कोई स्रोत बताते हैं। गेमर्स के पास अक्सर तेज़ मॉनिटर और माउस भी होते हैं, जिससे रिफ़्लेक्स की बारी आने से पहले ही उनका मापा गया समय कम हो जाता है।
ऑनलाइन टेस्ट में मेरा रिएक्शन टाइम धीमा क्यों आता है?
आपके स्कोर में आपके डिवाइस की देरी भी शामिल होती है। Woods और सहयोगियों ने अपने मॉनिटर की देरी 11 ms और माउस की 6.8 ms मापी, कुल 17.8 ms। वे बताते हैं कि कुछ सेटअप में हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर मिलकर 100 ms तक जोड़ सकते हैं (Neath और सहयोगी, 2011)। सिर्फ़ एक USB माउस ही अपने पोलिंग रेट के हिसाब से लगभग 8 ms तक जोड़ सकता है।
फ़ोन अपनी टचस्क्रीन और डिस्प्ले के कारण अपनी देरी जोड़ते हैं, और हर बार आप फ़ोन अलग तरह से पकड़ते हैं। स्कोर की तुलना हमेशा एक ही डिवाइस पर करें। अगर फ़ोन पर नतीजा लैपटॉप से 30 ms धीमा आता है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आपके रिफ़्लेक्स कमज़ोर हैं।
रिएक्शन टाइम कैसे सुधारें?
आप अपना सिंपल रिएक्शन टाइम थोड़ा सुधार सकते हैं, मुख्य रूप से सतर्क रहकर, उसी टास्क का अभ्यास करके और डिवाइस की देरी हटाकर। बड़े सुधार के सबूत कमज़ोर हैं, क्योंकि रिएक्शन टाइम कॉग्निटिव साइंस के सबसे स्थिर मापों में से एक है।
- उसी टास्क का अभ्यास करें। टास्क से परिचित होना मदद करता है: Woods और सहयोगी ऐसे शोध का हवाला देते हैं जिसमें टेस्ट की आदत पड़ने पर कुछ समूहों के बीच का अंतर घट गया। अभ्यास से आप जल्दबाज़ी में पहले दबाने से भी बचना सीखते हैं, जिससे फ़ॉल्स स्टार्ट कम होते हैं।
- आराम करने के बाद टेस्ट करें। थकान प्रतिक्रिया को धीमा करती है, इसलिए कम नींद वाली रात के बाद देर शाम का स्कोर आपका असली स्कोर नहीं है। थकान एक ही सेशन में भी दिखती है: Woods की स्टडी में ट्रायल के पहले ब्लॉक में समय 228 ms था और आख़िरी में 237 ms।
- कुछ वॉर्म-अप प्रयास करें। लैब स्टडीज़ नतीजे दर्ज करने से पहले अभ्यास ट्रायल देती हैं, और Woods और सहयोगियों ने 20 ट्रायल दिए। जिन प्रयासों को आप गिनेंगे, उनसे पहले दो-तीन प्रयास कर लें।
- डिवाइस की देरी कम करें। वायर्ड माउस, हाई रिफ़्रेश-रेट मॉनिटर और डेस्कटॉप ब्राउज़र फ़ोन की तुलना में कम नंबर देते हैं। इससे माप बदलता है, आपका दिमाग नहीं।
ऐप में Reaction की तकनीक सीधी है: उंगली तैयार, मन शांत। अपनी उंगली स्क्रीन के ठीक ऊपर रखें, सिग्नल का अंदाज़ा लगाना बंद करें और उसके आने से पहले साँस छोड़ें।
रिएक्शन टाइम से जुड़े सवाल
इंसान का औसत रिएक्शन टाइम कितना होता है?
सिंपल विज़ुअल टास्क में लैब स्टडीज़ के अनुसार वयस्कों का औसत लगभग 200 से 300 ms होता है, और 2015 की एक बड़ी स्टडी में यह 231 ms आया। आवाज़ पर प्रतिक्रिया थोड़ी तेज़ होती है। ब्रेक लगाने जैसे असली कामों में 0.7 से 1.5 सेकंड लगते हैं, क्योंकि उनमें हरकत के साथ फ़ैसला भी करना पड़ता है।
इंसान का सबसे तेज़ रिएक्शन टाइम कितना हो सकता है?
विज़ुअल सिग्नल पर उंगली से बटन दबाने के लिए तेज़ लोगों में लगभग 150 ms सीमा के करीब है। एथलेटिक्स की गवर्निंग बॉडी की ओर से करवाई गई एक स्टडी में स्टार्टिंग गन पर पैरों से प्रतिक्रिया देने वाले स्प्रिंटरों का समय 100 ms से कम मापा गया है। बटन टेस्ट में इससे बहुत नीचे का नंबर आए, तो आमतौर पर इसका मतलब है कि आपने अंदाज़ा लगाया था।
क्या 200 ms अच्छा रिएक्शन टाइम है?
हाँ। सामान्य कंप्यूटर पर 200 ms का सिंपल विज़ुअल रिएक्शन बड़ी स्टडीज़ में बताए गए औसत से तेज़ है। फ़ोन पर तो यह बेहतरीन स्कोर होगा, क्योंकि फ़ोन अपनी देरी जोड़ते हैं।
क्या उम्र के साथ रिएक्शन टाइम खराब होता है?
यह थोड़ा धीमा होता है: Woods और सहयोगियों (2015) के अनुसार स्वस्थ वयस्कों में हर साल लगभग आधा मिलीसेकंड। ज़्यादातर बदलाव हरकत शुरू करने में आता है, सिग्नल को नोटिस करने में नहीं।
क्या ब्रेन ट्रेनिंग से रिएक्शन टाइम सुधर सकता है?
अभ्यास से उस टास्क पर आपका स्कोर थोड़ा सुधरता है, और फ़ॉल्स स्टार्ट से बचने में मदद मिलती है। ये फ़ायदे ड्राइविंग या खेल में भी दिखते हैं या नहीं, इस पर बहस है। इसीलिए Omni Brain अपने Reaction गेम को साइंस पेज पर "B, मूल प्रक्रिया" का लेबल देता है।
अपनी रिएक्शन स्पीड टेस्ट करें और ट्रेन करें
अभी मुफ़्त रिएक्शन टाइम टेस्ट दें, फिर अगले हफ़्ते उसी डिवाइस पर दोबारा कोशिश करें। चॉइस रिएक्शन की ट्रेनिंग के लिए Omni Brain का Reaction गेम खेलते समय अपनी कठिनाई आपके हिसाब से बदलता है, और यह 8 स्किल्स के छोटे गेम्स में से एक है। Omni Brain मुफ़्त डाउनलोड करें।
